BREAKING
• punjab university छात्र संघ चुनाव में लगातार दूसरी बार ABVP की जीत के मायने चकित करते हैं • नेता विपक्ष राहुल गांधी को क्या दलित होने की पीड़ा का पता है? क्या दलितों पर राजनीति कभी बंद होगी • क्या सच में मनुस्मृति एक पिंजड़ा है, जिसे तोड़ने का आह्वान राहुल गांधी कर रहे हैं • राजस्थान सरकार के ​शिक्षा मंत्री बताएंगे कि ग्रामीणों ने बचा क्या लिया - टीन की छत के नीचे चल रहे एक तबेले वाले स्कूल को, क्या ऐसे स्कूलों से ही हम वि​कसित बनेंगे • 'आ​खिर माहौल को सुधारने' के लिए पूर्व पीएम शेख हसीना की वापसी पर ही क्यों अड़ा है बांग्लादेश • young india : देश की युवा शक्ति को अपनी ताकत का हो चुका अहसास, 2 करोड़ से अ​धिक युवा मतदाता ही अब बनेंगे भाग्यविधाता

राष्ट्रीय

हरियाणा में 3 निर्दलीय विधायकों के पाला बदलने से कांग्रेस को सच में मिलेगा फायदा ?

प्रदेश में नायब सरकार अपने अदृश्य मित्रों के सहयोग से रहेगी कायम या फिर लोकसभा चुनाव के बाद हो जाएगा कोई बड़ा खेल। सवाल बहुत हैं, लेकिन राज्य की राजनीति में इस फेरबदल के बाद कांग्रेस के हौसले हो गए हैं बुलंद

08 मई, 2024 04:06 PM
पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्‌डा तीन निर्दलीय विधायकों के साथ। फोटो सोशल मीडिया

haryana news : चंडीगढ़ : हरियाणा में भाजपा की नायब सरकार से तीन निर्दलीय विधायकों के समर्थन वापस लेने से जिस प्रकार के हालात बने हैं, उनसे राजनीतिक पारा जहां बहुत चढ़ गया है, वहीं लोकसभा चुनाव के गुणा-भाग के प्रभावित होने के आसार बन रहे हैं। राज्य में सितंबर-अक्तूबर में विधानसभा चुनाव होने हैं, लेकिन उनसे पहले ही जैसा घमासान दिख रहा है, उसने प्रदेश में भविष्य में होने वाले घटनाक्रमों की झलक पेश कर दी है।

 

कांग्रेस ने बीते विधानसभा चुनाव में 30 सीटें जीती थीं, हालांकि पार्टी पूर्ण बहुमत हासिल करने की चाहत रखती थी, लेकिन नवोदित पार्टी जजपा ने कांग्रेस और भाजपा दोनों को नुकसान पहुंचाया था। खैर, इस दौरान जो निर्दलीय जीते उनमें से 6 भाजपा और जजपा सरकार के साथ खड़े हो गए। इन निर्दलीयों में से एक को सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया जबकि बाकी के पांच विधायक खुद को मंत्री बनाने के लिए साढ़े चार साल तक सरकार पर दबाव बनाते रहे, हालांकि यह और बात है कि उन्हें बोर्ड, निगमों के चेयरमैन बनाकर मंत्री जैसी सहुलियत ही प्रदान की गई। खैर, यह अलग विषय है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में जब कांग्रेस पुन: सत्ता में लौटने का दंभ भर रही है, तब उसके द्वारा तीन निर्दलीय विधायकों को अपने पाले में लाने की घटना इसका संकेत देती है कि वह नायब सरकार को अस्थिर करने के लिए हरसंभव प्रयासरत है।

 

बेशक, मौजूदा घटनाक्रम के बावजूद मुुख्यमंत्री नायब सैनी की सरकार को खतरा नहीं है। अल्पमत में होने के बावजूद सरकार के चाहवान बाहर बैठकर भी उसकी सलामती की दुआ मांग रहे हैं। बावजूद इसके राजनीति में कब, क्या घट जाए कोई नहीं जानता। जजपा को इसकी उम्मीद नहीं थी कि भाजपा उसे सरे राह नाता तोडक़र किनारे कर देगी। इस समय अगर जजपा सरकार का हिस्सा होती तो लोकसभा चुनाव में उसके प्रचार की धार कुछ और ही होती।

 

हालांकि भाजपा ने अपने भविष्य के लिए जजपा को बीच रास्ते अपनी गाड़ी से उतार दिया। हालांकि अब जब नायब सरकार जोकि अल्पमत में आ चुकी है, तब उसकी उम्मीद उन्हीं जजपा के विधायकों से है, जोकि अपने नेतृत्वकर्ताओं से नाराज हैं। उनका प्रेम भाजपा के प्रति है और वे आगामी विधानसभा चुनाव का इंतजार कर रहे हैं, जब वे भाजपा में शामिल हो जाएंगे। बेशक, यह पहले से योजना का हिस्सा है, लेकिन तीन निर्दलीय विधायकों ने पाला इसलिए बदला क्योंकि उन्हें अब भाजपा के साथ बने रहने में फायदा नजर नहीं आ रहा था।

 

उन्होंने कहा भी कि जिस समय उन्होंने भाजपा को समर्थन दिया, उस समय उनके सेनापति (मनोहर लाल) थे, जबकि अब वे बदल चुके हैं, ऐसे में उनका समर्थन भी खत्म हो गया। अब बेशक, इन निर्दलीय विधायकों की ओर से ऐसे तर्क दिए जाएं, लेकिन यह सच है कि चुनाव की बेला में वे कांग्रेस की रौ में बहने को तैयार हो गए हैं। पूर्व सीएम एवं नेता विपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा मौजूदा सरकार के गठन के पहले दिन से यह कहते आ रहे हैं कि यह सरकार ज्यादा नहीं दिन नहीं चलेगी, हालांकि सरकार सफलतापूर्वक अपने साढ़े चार साल पूरे कर चुकी है और अब चुनाव की ओर बढ़ रही है।

 

तीन निर्दलीय विधायकों के कांग्रेस के साथ जाने के बाद का घटनाक्रम क्या रहने वाला है। अब इस पर सभी की नजर रहेगी। यह कांग्रेस के मौजूदा कर्णधारों के लिए करो या मरो का भी है। उनके सामने लोकसभा चुनाव में जहां जीत हासिल करने का लक्ष्य है, वहीं विधानसभा चुनाव में भी उन्हें दम दिखाना है। बेशक, कांग्रेस के नेता केंद्र में सरकार बनाने का दावा करें लेकिन कहीं न कहीं वे इस सच्चाई को समझते हैं कि केंद्र में हाल फिलहाल ऐसा होना अभी संभव नहीं है। इसलिए हरियाणा के कांग्रेस नेता अभी अपना दम आगामी विधानसभा चुनाव के लिए बचा कर रख लेना चाहते हैं।

 

दूसरे राजनीतिक दलों के पूर्व विधायकों, नेताओं, पदाधिकारियों को कांग्रेस में शामिल करने की कवायद जहां जारी है, वहीं अब निर्दलीय विधायकों को भी अपने पाले में लाकर कांग्रेस नेतृत्व ने भावी तैयारियों को प्रदर्शित किया है। हालांकि यह अपने आप में अभी रहस्य है कि तीन निर्दलीय विधायकों को कांग्रेस विधानसभा चुनाव में टिकट देगी या नहीं। कांग्रेस में वैसे भी एक अनार सौ बीमार वाली स्थिति है। लोकसभा चुनाव के दौरान ही सभी 9 सीटों पर पार्टी के अंदर असंतोष है। इन सब घटनाओं के बावजूद कांग्रेस ने सत्ताधारी भाजपा को कड़ी चुनौती पेश कर दी है। इस बार के लोकसभा चुनाव राज्य में कांटे की टक्कर से हो रहे हैं वहीं विधानसभा चुनावों में भी मुकाबला सामान्य नहीं रहने वाला है। इसके संकेत बखूबी मिल चुके हैं।

Have something to say? Post your comment

और राष्ट्रीय खबरें

punjab university छात्र संघ चुनाव में लगातार दूसरी बार ABVP की जीत के मायने चकित करते हैं

punjab university छात्र संघ चुनाव में लगातार दूसरी बार ABVP की जीत के मायने चकित करते हैं

नेता विपक्ष राहुल गांधी को क्या दलित होने की पीड़ा का पता है? क्या दलितों पर राजनीति कभी बंद होगी

नेता विपक्ष राहुल गांधी को क्या दलित होने की पीड़ा का पता है? क्या दलितों पर राजनीति कभी बंद होगी

क्या सच में मनुस्मृति एक पिंजड़ा है, जिसे तोड़ने का आह्वान राहुल गांधी कर रहे हैं

क्या सच में मनुस्मृति एक पिंजड़ा है, जिसे तोड़ने का आह्वान राहुल गांधी कर रहे हैं

राजस्थान सरकार के ​शिक्षा मंत्री बताएंगे कि ग्रामीणों ने बचा क्या लिया - टीन की छत के नीचे चल रहे एक तबेले वाले स्कूल को, क्या ऐसे स्कूलों से ही हम वि​कसित बनेंगे

राजस्थान सरकार के ​शिक्षा मंत्री बताएंगे कि ग्रामीणों ने बचा क्या लिया - टीन की छत के नीचे चल रहे एक तबेले वाले स्कूल को, क्या ऐसे स्कूलों से ही हम वि​कसित बनेंगे

'आ​खिर माहौल को सुधारने' के लिए पूर्व पीएम शेख हसीना की वापसी पर ही क्यों अड़ा है बांग्लादेश

'आ​खिर माहौल को सुधारने' के लिए पूर्व पीएम शेख हसीना की वापसी पर ही क्यों अड़ा है बांग्लादेश

young india : देश की युवा शक्ति को अपनी ताकत का हो चुका अहसास, 2 करोड़ से अ​धिक युवा मतदाता ही अब बनेंगे भाग्यविधाता

young india : देश की युवा शक्ति को अपनी ताकत का हो चुका अहसास, 2 करोड़ से अ​धिक युवा मतदाता ही अब बनेंगे भाग्यविधाता

परिवर्तन के 12 वर्ष : प्रधानमंत्री मोदी ने दिया ब्योरा, बीते 12 वर्षों में देश ने वि​भिन्न क्षेत्रों में कितनी की है प्रगति   

परिवर्तन के 12 वर्ष : प्रधानमंत्री मोदी ने दिया ब्योरा, बीते 12 वर्षों में देश ने वि​भिन्न क्षेत्रों में कितनी की है प्रगति  

'रक्षा शक्ति' विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की कुंजी : PM नरेंद्र मोदी

'रक्षा शक्ति' विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की कुंजी : PM नरेंद्र मोदी

पाकिस्तान के रक्षा बजट पर अमेरिकी रिपोर्ट में उठे सवालों का जवाब जनता को ही मांगना चा​हिए

पाकिस्तान के रक्षा बजट पर अमेरिकी रिपोर्ट में उठे सवालों का जवाब जनता को ही मांगना चा​हिए

कांग्रेस को इस समय खुद को 'पीजीआई' पहुंचने से रोकने की जरूरत है, 'घर' पर ही चिकित्सा कर ले गनीमत होगी

कांग्रेस को इस समय खुद को 'पीजीआई' पहुंचने से रोकने की जरूरत है, 'घर' पर ही चिकित्सा कर ले गनीमत होगी