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• punjab university छात्र संघ चुनाव में लगातार दूसरी बार ABVP की जीत के मायने चकित करते हैं • नेता विपक्ष राहुल गांधी को क्या दलित होने की पीड़ा का पता है? क्या दलितों पर राजनीति कभी बंद होगी • क्या सच में मनुस्मृति एक पिंजड़ा है, जिसे तोड़ने का आह्वान राहुल गांधी कर रहे हैं • राजस्थान सरकार के ​शिक्षा मंत्री बताएंगे कि ग्रामीणों ने बचा क्या लिया - टीन की छत के नीचे चल रहे एक तबेले वाले स्कूल को, क्या ऐसे स्कूलों से ही हम वि​कसित बनेंगे • 'आ​खिर माहौल को सुधारने' के लिए पूर्व पीएम शेख हसीना की वापसी पर ही क्यों अड़ा है बांग्लादेश • young india : देश की युवा शक्ति को अपनी ताकत का हो चुका अहसास, 2 करोड़ से अ​धिक युवा मतदाता ही अब बनेंगे भाग्यविधाता

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punjab university छात्र संघ चुनाव में लगातार दूसरी बार ABVP की जीत के मायने चकित करते हैं

किसी भी छात्र संगठन की चुनावी सफलता की वास्तविक परीक्षा चुनाव के बाद होती है। PU में दक्षिण परिसर के विकास, कनेक्टिविटी, सुरक्षा और बुनियादी ढांचे जैसे मुद्दे लगातार चर्चा में रहे हैं। चुनाव के दौरान भी यह सवाल उठा कि बड़े वोट बैंक वाले क्षेत्रों की समस्याओं पर पूरे वर्ष पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता।

नेता विपक्ष राहुल गांधी को क्या दलित होने की पीड़ा का पता है? क्या दलितों पर राजनीति कभी बंद होगी

वैसे यह भी तथ्य है कि रैली के बाद उस जगह का कथित शुद्धिकरण जाति विशेष के विरोध की वजह से नहीं हुआ है, अपितु राजनीतिक सोच के विरोध की सोच से हुआ है। जरूरी यह है कि समाज का सुधार करने की अगर किसी में इच्छा है तो वह संविधान निर्माता डॉ आंबेडकर की तरह जातिवाद का विरोध करे और जाति हीन समाज की सोच को आगे बढ़ाए। क्या किसी में इसका साहस है?

क्या सच में मनुस्मृति एक पिंजड़ा है, जिसे तोड़ने का आह्वान राहुल गांधी कर रहे हैं

एक राजनीतिक दल की ओर से संबंधित लड़की जिसने ऐसी अभद्रता की, उसे शाबासी देते हुए उसके साथ खड़े होने का भी ऐलान किया। क्या नेता विपक्ष राहुल गांधी इस पर टिप्पणी करेंगे और संबंधित राजनीतिक दल की ओर से किए गए कारनामे का समर्थन या विरोध करेंगे।

राजस्थान सरकार के ​शिक्षा मंत्री बताएंगे कि ग्रामीणों ने बचा क्या लिया - टीन की छत के नीचे चल रहे एक तबेले वाले स्कूल को, क्या ऐसे स्कूलों से ही हम वि​कसित बनेंगे

यह पहली प्राथमिकता होनी चाहिए कि शिक्षा व्यवस्था को समुचित किया जाए। पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार ने सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए व्यापक काम किया है, वहीं हरियाणा सरकार ने भी इस दिशा में प्रभावी कदम उठाए हैं। 

'आ​खिर माहौल को सुधारने' के लिए पूर्व पीएम शेख हसीना की वापसी पर ही क्यों अड़ा है बांग्लादेश

शेख हसीना अगस्त 2024 से भारत में रह रही हैं। 2025 में बांग्लादेश की एक अदालत ने उन्हें उनकी अनुपस्थिति में मृत्युदंड सुनाया; बांग्लादेश सरकार उनके प्रत्यर्पण की मांग कर रही है। भारत ने प्रत्यर्पण अनुरोध प्राप्त होने की पुष्टि की है और कहा है कि वह इसे अपने कानूनी ढाँचे के अनुसार देख रहा है।

young india : देश की युवा शक्ति को अपनी ताकत का हो चुका अहसास, 2 करोड़ से अ​धिक युवा मतदाता ही अब बनेंगे भाग्यविधाता

जाहिर है, देश की राजनीति में युवाओं का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। उनकी सबसे बड़ी ताकत उनकी संख्या, डिजिटल पहुँच, नए मुद्दों के प्रति जागरूकता और राजनीतिक भागीदारी है। हालांकि, युवाओं की राजनीतिक भागीदारी को और मजबूत करने के लिए राजनीतिक दलों को उन्हें केवल चुनावी वोट-बैंक के रूप में देखने के बजाय निर्णय-निर्माण और नेतृत्व में वास्तविक अवसर देने होंगे। बहरहाल, यह भी जरूरी है कि युवा सिर्फ लेने के लिए नहीं अपितु देने के लिए आगे आएं।

परिवर्तन के 12 वर्ष : प्रधानमंत्री मोदी ने दिया ब्योरा, बीते 12 वर्षों में देश ने वि​भिन्न क्षेत्रों में कितनी की है प्रगति  

'रक्षा शक्ति' विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की कुंजी : PM नरेंद्र मोदी

  • वर्तमान बदलते परिदृश्य में स्वदेशी रक्षा उपकरणों पर ध्यान केंद्रित करने और सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने की आवश्यकता पर दिया बल आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए नागरिक सुरक्षा के विशाल स्वयंसेवी बल का गठन करने की भी घोषणा की

     

पाकिस्तान के रक्षा बजट पर अमेरिकी रिपोर्ट में उठे सवालों का जवाब जनता को ही मांगना चा​हिए

इस आशंका से भी कौन इनकार कर सकता है कि आईएसआई भारत में उन लोगों की तलाश कर रही है, जोकि बिक सकें और भारत की सुरक्षा में सेंध लगा सकें। अपने रक्षा बजट में बढ़ोतरी कर पाक की सेना और खुफिया एजेंसी ऐसे गद्दारों पर ही खर्च कर रही है। वास्तव में पाकिस्तान को मलाल है कि ऑपरेशन सिंदूर में उसे शर्मनाक शिकस्त कैसे मिल गई। जाहिर है, उसका एकमात्र टारगेट भारत में अशांति पैदा करना और आतंक फैलाना है।

कांग्रेस को इस समय खुद को 'पीजीआई' पहुंचने से रोकने की जरूरत है, 'घर' पर ही चिकित्सा कर ले गनीमत होगी

बेशक, उसे शिकायत करने का हक है और उसने सीधे चुनाव आयोग पर आरोप लगाते हुए इस जनादेश को स्वीकार करने से ही इनकार कर दिया। इसे उसका व्यक्तिगत मामला नहीं माना जा सकता। क्योंंकि ऐसा करके आप प्रदेश में वर्ग विभाजन कर रहे हो। 

 

आखिर सिटी ब्युटीफुल चंडीगढ़ में अगले पांच साल बाद भी कोई मौजूदा मुद्दों पर बहस करना पसंद करेगा?

काश! ऐसा हो और जनता को उन सभी मुद्दों से एक बार में निजात मिले जोकि बरसों से उसकी जिंदगी मेंं दर्द बने हुए हैं।

हरियाणा में कांग्रेस अगर सरकार नहीं बनाना चाहती है तो उसने प्याले में तूफान क्यों पैदा किया?

एक तरफ जजपा नेता यह कहते हैं कि उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय चौटाला को षड्यंत्र के तहत फंसा कर जेल भिजवाया गया और अब वही जजपा, कांग्रेस के साथ नजर आती दिख रही है। वास्तव में मौजूदा घटनाक्रम जनता के लिए एक छलावा है, असली रणनीति दिमागों के अंदर है। यह वक्त बताएगा कि किसी रणनीति जीतती है।

हरियाणा में 3 निर्दलीय विधायकों के पाला बदलने से कांग्रेस को सच में मिलेगा फायदा ?

बेशक, कांग्रेस के नेता केंद्र में सरकार बनाने का दावा करें लेकिन कहीं न कहीं वे इस सच्चाई को समझते हैं कि केंद्र में हाल फिलहाल ऐसा होना अभी संभव नहीं है। इसलिए हरियाणा के कांग्रेस नेता अभी अपना दम आगामी विधानसभा चुनाव के लिए बचा कर रख लेना चाहते हैं।

इनेलो और जजपा अगर एक हो जाएं तो हरियाणा की सियासत में आ सकता है बड़ा बदलाव !

 बेशक इनेलो-जजपा अगर एक हो जाएं तो पार्टी को यह जवाब देना भारी पड़ेगा कि आखिर किसान आंदोलन के दौरान उन्होंने किसानों के लिए क्या किया। इनेलो के नेता यह कह सकते हैं कि उन्होंने तो किसानों के समर्थन में अभय चौटाला ने अपनी विधायकी से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन जजपा ने सत्ता में रहते हुए केवल अपने स्वार्थ की ही परवाह की। 

बीरेंद्र सिंह परिवार के राजनीतिक भविष्य के लिए कांग्रेस में गए हैं, समय बताएगा कि यह कवायद क्या गुल खिलाती है

कहने का भाव यह है कि अगर कांग्रेस में भी उनकी मंशा पूरी नहीं हुई तो वे यहां भी आलोचना का दौर शुरू कर सकते हैं। हालांकि फिलहाल तो वे अपने परिवार के राजनीतिक भविष्य को सुनिश्चित करने की नजर से कांग्रेस में आ गए हैं। 

7 साल में 4 बार अरुणाचल प्रदेश में जगहों के नाम बदलकर चीन ने आखिर क्या हासिल कर लिया ?

निकट भविष्य में संभव है, चीन एवं उसके मित्र देशों से भारत के लिए और चुनौतियां खड़ी हों। लेकिन इन चुनौतियों को पार करके ही भारत विश्व महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर है। जब कोई विकास की राह पर होता है तो विरोधियों को समस्या होती ही है।

लोकप्रिय और 'इम्पोर्ट' किए चेहरों के बूते 400 पार सीटों का लक्ष्य हासिल कर पाएगी भाजपा

अब भाजपा मेंं शामिल होने और टिकट मिलने के बाद उनकी जीत के समीकरण प्रबल हो गए हैं, लेकिन यहां भी वही सवाल बाकी है कि इस सीट के उन भाजपा नेताओं का क्या होगा, जोकि टिकट के इंतजार में बीते पांच साल से बैठे हैं।

हरियाणा में नायब सरकार के समक्ष है सीमित समय मेें ज्यादा कार्य करनेे की चुनौती

नायब मंत्रिमंडल में इस बार नए और पुराने मंत्रियों का वह समूह है, जिसके कंधों पर प्रदेश के विकास की भार है। इनमें से कई मंत्रियों ने अपना काम निराले अंदाज में शुरू भी कर दिया है।

पंजाब के प्रदर्शनकारी किसान क्या सच में इस मसले के समाधान को राजी हैं ?

लग रहा है, जैसे महज विरोध के लिए विरोध हो रहा है। क्योंकि लोग चाह कर भी समझना और स्वीकार करना नहीं चाहते। वे जिद बांध कर बैठ गए हैं कि उन्होंने जो सोचा है, वही चाहिए। इसके लिए फिर तमाम कायदे-कानूनों को अगर अंगूठा दिखाया जाए तो दिखाओ। 

नववर्ष के लिए हमारे संकल्प और लक्ष्य निर्धारित हों और हम उनको हासिल करने के लिए आगे बढ़ें

यह वास्तव में देश को आगे ले जाने वाली स्थिति नहीं थी। अब जब देश में युवा शक्ति का प्रवाह अथाह करवटेंं ले रहा है, जब देश को साल 2047 तक वैश्विक महाशक्ति बनाने का है, तब क्यों नहीं हम आज ऐसा करें जिससे उस साल तक पहुंचते-पहुंचते हम वास्तव में उस संकल्प को पूरा कर सकें।

पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के रिजल्ट बताएंगे 2024 मेें किस तरफ बहेगी सियासत की हवा

हालांकि यह मुद्दा लंबे समय से कायम है और कांग्रेस नेता इसका सबूत नहीं दे पाते हैं कि आखिर किस प्रकार बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुुंचाया गया। अब यही वजह है कि भाजपा नेता राहुल गांधी पर उद्योगपतियों का निरादर करने का आरोप लगाते हैं। 

संसद में पैसे लेकर सवाल पूछने का आरोप : सांसद महुआ ने भेजा कानूनी नोटिस तो हो गई यह कार्रवाई

 टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा को अपने ऊपर लगे आरोपों के संबंध में पूरा सच देश के समक्ष रखना होगा। उनकी पार्टी के नेतृत्व को भी इस बारे में जवाब देना चाहिए, संसद को इसका अधिकार है कि वह ऐसे मामलों में सख्त निर्णय ले।

1984 के सिख विरोधी दंगें : तो जगदीश टाइटलर ने यह कहा था कि मार डालो इन्हें, हमारी मां को इन्होंने मारा है...

दिल्ली में सिख विरोधी दंगों में एक नाम हमेशा सुर्खियों में रहा है, वह नाम जगदीश टाइटलर का है। अपनी जवानी के दिनों में कांग्रेस और इंदिरा गांधी के विश्वस्त नेताओं में शुमार रहे जगदीश टाइटलर दंगों में सिखों की हत्या का आरोप झेल रहे हैं। 

नूंह में जो घटा, वह सुनियोजित साजिश का हिस्सा नहीं तो और क्या है?

सैकड़ों श्रद्धालुओं को बंधक बनाना, पुलिस पर हमला और उसे उपद्रव स्थल पर न पहुंचने देना, क्या यह सब नहीं बताता कि बेहद सुनियोजित तरीके से बदले की भावना से इस कांड को अंजाम दिया गया है।

Punjab university पंजाब के हित क्या सच में इतने संकट में हैं कि उन्हें बचाने के लिए उसे हमेशा ना ही कहना पड़ रहा है

जाहिर है, वास्तव में नए दौर में नई जरूरतों और संभावनाओं को देखते हुए पंजाब को इस बारे में खुले दिल से विचार करना चाहिए। बेशक इसकी संभावना बहुत कम नजर आती है, लेकिन पंजाब यूनिवर्सिटी के बेहतर भविष्य और यहां पढ़ रहे पूरे देश के युवाओं के करियर को ध्यान में रखते हुए कोई बीच का रास्ता तो निकाला ही जाना चाहिए।

महिला पहलवानों की अनदेखी कहीं पड़ न जाए भारी मोदी जी, समय रहते उठाने होंगे प्रभावी कदम

दरअसल, इस मामले में केंद्र सरकार को अपने विवेक के पट खोलने होंगे, अगर महिला पहलवानों के आरोप झूठ निकले तो उन्हें इसकी सजा भुगतनी होगी। लेकिन अगर उनमें सच्चाई है तो फिर आरोपी पर कार्रवाई होनी चाहिए। 

जीत के लिए भाजपा को तलाशने हाेंगे नए मुद्दे, मोदी को करनी चाहिए पेट्रोल-डीजल के बारे में भी बात

कर्नाटक की जनता ने कांग्रेस की बातों पर भरोसा किया है,की बातों पर भरोसा किया है, यानी जनता यह देखेगी कि जिस बदलाव के लिए उसने वोट किया, वह हुआ या नहीं। जनता के निर्णय पर सवाल नहीं उठाए जा सकते, वह जर्नादन होती है। उसने बड़ा संदेश दिया है, जिसका गुणन जरूरी है।

लोकतंत्र में अगर निर्वाचित सरकार काे प्रशासन पर अंकुश रखने की शक्ति नहीं मिलेगी तो वह निरंकुश हो जाएगा

पंजाब वह पहला राज्य, जिसने अपने यहां पैदल चलने वालों के लिए लागू किया राइट टू वॉक

बेशक, दूसरे राज्यों में अभी इसकी कवायद जारी होगी, लेकिन पंजाब वह पहला राज्य बन चुका है, जिसने अपने नागरिकों को सड़कों के किनारे सुरक्षित चलने के लिए फुटपाथ और साइकिल ट्रैक का निर्माण अधिकार के रूप में देने की तैयारी की है। 

जनता को अनुचित विषयों, मुद्दों पर बहस नहीं, विकास के ठोस रोडमैप की जरूरत है...

गौरतलब है कि दिल्ली के दिल में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में कभी भारत तेरे टुकड़े होंगे...के नारे लगे थे। उन नारों को लगाने के आरोपी आज कांग्रेस में राजनीति कर रहे हैं। पार्टी ने कभी पूछा भी नहीं की आखिर ऐसे नारे क्यों लगाए और लगवाए गए। 

अगर बाहुबल से अपने सोचे निर्णय लागू कराए जाएंगे तो फिर न्याय प्रणाली कहां रहेगी?

हालांकि पहलवानों के सब्र का बांध लगातार छलछला रहा है, उनकी आशंकाएं ऐसी हैं कि सांसद के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी, अगर होनी होती तो अब तक हो जाती। ऐसा इसलिए क्योंकि दो एफआईआर दर्ज होने के बावजूद उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है।

चीन और पाकिस्तान को आईना दिखाकर भारत ने साबित किया अब सबकुछ बदल चुका है....

यह भी कितना दिलचस्प है कि भारतीय विदेश मंत्री की ओर से अपने पाकिस्तानी समकक्ष से हाथ तक नहीं मिलाया गया है, लेकिन पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल ऐसा करने का राग अलाप रहा है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इसकी पुष्टि नहीं की है। 

शरद पवार का अध्यक्ष पद छोड़ने का फैसला आखिर क्यों, क्या पार्टी में असंतोष को रोक पाएंगे, क्या राकांपा सही राह पर है?

राकांपा के समक्ष नेतृत्व का संकट इसी वजह से है। शरद पवार की ओर से पार्टी को अचंभित करना सोची समझी रणनीति हो सकती है। संभव है, वे अपनी बेटी का नाम आगे बढ़वाना चाहें। 

अमृतपाल की गिरफ्तारी हुई या आत्मसमर्पण, क्या पंजाब पुलिस का दावा सही है?

भिंडरावाले के भतीजे जसवीर रोडे ने पत्रकारों को बताया कि अमृतपाल सिंह ने कल रात ही पुलिस को सूचित किया था कि वह रविवार सुबह गुरुद्वारा जन्म स्थान संत खालसा में मत्था टेकने के बाद आत्मसमर्पण कर देगा। 

केरल दौरे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की धमकी, भाजपा मुख्यालय को मिला पत्र

केरल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुरेंद्रन ने शनिवार को मीडिया से बातचीत करते हुए आरोप लगाया कि केरल पुलिस के शीर्ष अधिकारियों की ओर से प्रधानमंत्री के दौरे के संबंध में किए जाने वाले सुरक्षा प्रबंधों को लेकर 49 पेज की रिपोर्ट लीक हो गई है।

हिमाचल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पद से सुरेश कश्यप का इस्तीफा, पार्टी में नए प्रधान के लिए कसरत शुरू

इस बीच चर्चा है कि अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे चुुके सुरेश कश्यप जोकि शिमला से लोक सभा सांसद हैं, को पार्टी 2024 में फिर से अपना उम्मीदवार बना सकती है।

क्या मुझे गिरफ्तार करने से देश की समस्याएं दूर हो जाएंगी, सबको रोजगार और शिक्षा मिल जाएगी : अरविंद केजरीवाल

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने स्पष्ट लहजे में कहा कि राष्ट्र विरोधी ताकतें नहीं चाहती कि देश में स्कूल, अस्पताल बने और भारत दुनिया का नंबर वन देश बने।

विपक्षी एकता के बड़े सूत्रधार बनेंगे ममता-अखिलेश, कोलकाता में बैठक कर बनेगी रणनीति

पिछले हफ्ते, बनर्जी और अखिलेश यादव सहित आठ विपक्षी दलों के नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर शिकायत की थी कि केंद्रीय जांच ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय जैसी केंद्रीय एजेंसियां देश में विपक्षी दलों को विशेष रूप से पक्षपाती तरीके से निशाना बना रही हैं।

सुरक्षा कारणों से सिसोदिया को अलग वार्ड में रखा गया : दिल्ली जेल

बुधवार को मीडिया को संबोधित करते हुए कथित आप नेता संजय सिंह ने कहा था, "आज होली के पावन पर्व पर बीजेपी की दुश्मनी आप से इस कदर बढ़ गई है कि शिक्षा का मॉडल देने वाले मनीष सिसोदिया को जेल में ऐसे खूंखार अपराधियों के बीच रखा गया है जहां उनकी हत्या का डर है।"

कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे बोले- हमने भी डालें हैं देश के विकास की बुनियाद में पत्थर

खरगे ने कहा कि मैं देखता हूं सदन के भीतर और बाहर भी मंत्री और सत्ता पक्ष के सांसद नफरत की बात ज्यादा करते हैं। ये लोग ज्यादातर सांप्रदायिक और जाति की बातें करते हैं।

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