तेजस्वी /इसहफ्ते न्यूज
शरीर के सबसे अंगों में शुमार है दिल। विश्व हृदय दिवस यानी 29 सितंबर के अवसर पर आइए जानिए हमारा यह कोमल अंग आखिर कितना अहम है और क्यों इसकी सार संभाल जरूरी है।
मानव शरीर में सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है हृदय। इस अंग का कार्य हमारे शरीर में दौड़ रहे रक्त को शुद्ध करते रहने का है। यह कार्य 24 घंटों और वर्ष के पूरे 365 दिन होता रहता है, जाहिर है एक भी सेकंड के लिए अगर यह कार्य रूक जाएगा तो मानव जीवित नहीं रहेगा। हालांकि आजकल की जीवन शैली हृदय के लिए ऐसी चुनौतियां पेश कर रही है, जिसके सामने इस कोमल अंग की नहीं चल पाती और अनेक शरीरों में यह इस चुनौती के सामने हार मान लेता है। विश्व हृदय दिवस यानी 29 सितंबर के अवसर पर आइए जानिए हमारा यह कोमल अंग आखिर कितना अहम है और क्यों इसकी सार संभाल जरूरी है।
ऑक्सीजन और पोषक तत्वों का वाहक
हृदय हमारे परिसंचरण प्रणाली के बीच में स्थित है, जो धडक़ते हुए शरीर के चारों ओर रक्त का प्रवाह करता है। रक्त शरीर में ऑक्सीजन और पोषक तत्व भेजता है और अवांछित कार्बन डाइऑक्साइड और अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालता है। हृदय कार्डियोवास्कुलर सिस्टम का एक प्रमुख अंग होता है, जिसमें रक्त वाहिकाएं शामिल होती हैं जो रक्त को हृदय से पूरे शरीर तक और फिर वापस हृदय तक ले जाती हैं। हृदय सीने के केंद्र में और फेफड़ों के बीच में स्थित होता है। यह शंख के आकार का है और इसका सिरा बाईं ओर नीचे की ओर होता है और इसका वजन लगभग 298 ग्राम या 10.5 औंस होता है।
दिल एक मिनट में धडक़ता है 72 से 80 बार
हमारे हृदय को हमारे शरीर की सबसे कठिन काम करने वाली मांसपेशी माना जाता है, और औसतन एक सामान्य मानव का दिल एक मिनट में 72 से 80 बार धडक़ता है यानी 4,800 बार प्रति घंटा, 115,200 बार प्रति दिन, और 42,048,000 बार प्रति वर्ष के करीब धडक़ता है। यदि कोई व्यक्ति 80 वर्ष तक जीवित रहता है तो उसका दिल पूरे जीवनकाल में 3 बिलियन बार धडक़ता है। मानव शरीर में प्रतिक्षण लगभग 5.6 लीटर रक्त प्रसारित होता रहता है। एक समय वृद्धावस्था में घेरने वाली दिल की बीमारी आज छोटी उम्र के लोगों को भी अपना शिकार बना रही है। एक शोध के अनुसार भारत में पिछले 15 वर्षो में हृदयघात से मरने वालों की संख्या में 34 फीसदी का इजाफा देखा गया है। हालत यह है कि लगभग हर घर में दिल की बीमारी के मरीज मौजूद हैं।
दिल के बारे में यह भी जानिए
- दिल का आकार औसतन एक वयस्क की मुट्ठी के बराबर होता है
एक दिल हर दिन लगभग 100,000 बार धड़कता है
- शरीर में लगभग 100,000 मील रक्त वाहिकाएं हैं
गर्भाधान के 4 सप्ताह बाद शिशु का दिल धडक़ना शुरू कर देता है
- दिल हर दिन लगभग 2000 गैलन रक्त पंप करता है
- दिल मस्तिष्क या शरीर के बिना कार्य कर सकता है। इसकी अपनी विद्युत प्रणाली है जिसे कार्डियक चालन प्रणाली के रूप में जाना जाता है, जो हृदय की लय को नियंत्रित करती है
- व्यक्ति के ब्रेन डेड होने के बाद भी या दिल को हटा दिए जाने के बाद भी दिल तब तक धडक़ता रहता है, जब तक उसके पास ऑक्सीजन होती है
- परी मक्खी (ततैया) में किसी भी जीवित प्राणी का सबसे छोटा दिल होता है और स्तनधारियों में, व्हेल का दिल सबसे बड़ा होता है
- औसतन एक पुरुष का दिल एक महिला के दिल से 2 औंस भारी होता है
- एक महिला का दिल एक पुरुष के दिल की तुलना में थोड़ा तेज धडक़ता है
- 1893 में पहली ओपन-हार्ट सर्जरी संयुक्त राज्य अमेरिका में डैनियल हेल विलियम्स द्वारा की गई थी।
क्यों बीमार होता है दिल
एक स्वस्थ शरीर के लिए स्वस्थ आहार और स्वस्थ जीवन शैली परम आवश्यक है। आपकी दिनचर्या अगर सामान्य है तो शरीर का प्रत्येक अंग स्वस्थ रहेगा लेकिन अगर इसमें कोई दिक्कत है तो फिर यह नुकसानदायक है। ऐसे में दिल जैसे अहम अंग की रक्षा आवश्यक है। तनाव, व्यायाम की कमी, खराब खान-पान, देर रात तक जागना, शराब का सेवन, कॉलस्ट्रोल का बढऩे से दिल का दौरा, दिल की विफलता, हृदय रोग आदि स्थितियां पैदा होती हैं, जो हृदय और जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करती हैं। एक स्वस्थ जीवन के लिए दिल का स्वस्थ रहना बेहद आवश्यक है। चिकित्सकों के अनुसार दिल की संभाल में लापरवाही बरतना जान पर भारी पड़ सकता है। एक बार हार्ट अटैक झेल चुके लोगों को और अधिक सावधानी से अपनी जीवन शैली में बदलाव करना चाहिये। लोगों को इस संबंध में जागरूक करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन हर साल 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस मनाता है।